Short Essay on 'Sharad Purnima' in Hindi | 'Sharad Purnima' par Nibandh (150 Words)

Sunday, February 24, 2013

शरद पूर्णिमा

'शरद पूर्णिमा' हिन्दुओं का प्रसिद्द त्यौहार है। शरदीय नवरात्र के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा को 'शरद पूर्णिमा' कहा जाता है।

मान्यता है कि आश्विन शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है। इस दिन रात में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखकर सुबह उसका सेवन करने से सभी रोग दूर हो जाते हैं।

शरद पूर्णिमा के दिन सायंकाल लक्ष्मी पूजन होता है। नवरात्र में मां दुर्गा की स्तुति के बाद अगले वर्ष आर्थिक सुदृढ़ता की कामना के लिए शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा होती है। मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने वाला कारीगर ही लक्ष्मी की प्रतिमा बनाता है। पुरानी लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन करके नई प्रतिमा को अगले वर्ष तक संभालकर रखा जाता है। मां लक्ष्मी को पांच तरह के फल व् सब्जियों के साथ नारियल भी अर्पित किया जाता है। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होती है।
 

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