Short Essay on 'Guru Purnima' in Hindi | 'Guru Purnima' par Nibandh (200 Words)

Monday, July 22, 2013

गुरु पूर्णिमा

'गुरु पूर्णिमा' एक प्रसिद्द भारतीय पर्व है। इसे हिन्दू एवं बौद्ध पूर्ण हर्ष व उल्लास के साथ मनाते हैं। यह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा व समर्पण का पर्व है। यह पर्व गुरु के नमन एवं सम्मान का पर्व है। मान्यता है कि इस दिन गुरु का पूजन करने से गुरु की दीक्षा का पूरा फल उनके शिष्यों को मिलता है।

गुरु का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। ‘गु’ का अर्थ होता है अंधकार (अज्ञान) एवं ‘रु’ का अर्थ होता है प्रकाश (ज्ञान)। गुरु हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं। भावी जीवन का निर्माण गुरू द्वारा ही होता है।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुओं का सम्मान किया जाता है। इस अवसर पर आश्रमों में पूजा-पाठ का विशेष आयोजन किया जाता है। इस पर्व पर विभिन्न क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विभूतियों को सम्मानित किया जाता है। सम्मानित लोगों में साहित्य, संगीत, नाट्य विद्या, चित्रकला आदि क्षेत्रों के लोग शामिल होते हैं। कई जगह कथा, कीर्तन एवं भंडारा का आयोजन किया जाता है। इस दिन गुरु के नाम पर दान-पुण्य करने का भी प्राविधान है।

Short Essay on 'Guru Purnima' in Hindi | 'Guru Purnima' par Nibandh (200 Words)SocialTwist Tell-a-Friend

4 comments:

Anonymous,  August 13, 2013 at 7:55 PM  

muskaan
he essay is very nice and it helped me very much. Very inspirational essay

Sweta,  December 17, 2013 at 1:37 PM  

very gud comp.

shubhi,  September 1, 2014 at 9:45 AM  

This is mindblowing i really like it

Gargee Gupta July 15, 2016 at 5:37 PM  

nice essay got a great lesson from it

Post a Comment