Short Essay on 'Importance of Discipline' in Hindi | 'Anushasan ka Mahatava' par Nibandh (330 Words)

Tuesday, January 14, 2014

अनुशासन का महत्व

समाज की सहायता के बिना मानव जीवन का अस्तित्व असम्भव है। सामाजिक जीवन को सुख संपन्न बनाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। इन नियमों को हम सामाजिक जीवन के नियम कहते हैं। इनके अंतर्गत मनुष्य व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से नियमित रहता है तो उसके जीवन को अनुशासित जीवन कहते हैं।

अनुशासन मानव-जीवन का आवश्यक अंग है। मनुष्य को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में चाहे वह खेल का मैदान हो अथवा विद्यालय, घर हो अथवा घर से बाहर कोई सभा-सोसायटी, सभी जगह अनुशासन के नियमों का पालन करना पड़ता है।

विद्यार्थी समाज की एक नव-मुखरित कली है। इन कलियों के अंदर यदि किसी कारणवश कमी आ जाती है तो कलियाँ मुरझा ही जाती हैं, साथ-साथ उपवन की छटा भी समाप्त हो जाती है। यदि किसी देश का विद्यार्थी अनुशासनहीनता का शिकार बनकर अशुद्ध आचरण करने वाला बन जाता है तो यह समाज किसी न किसी दिन आभाहीन हो जाता है।

परिवार अनुशासन की आरंभिक पाठशाला है। एक सुशिक्षित और शुद्ध आचरण वाले परिवार का बालक स्वयं ही नेक चाल-चलन और अच्छे आचरण वाला बन जाता है। माता-पिता की आज्ञा का पालन उसे अनुशासन का प्रथम पाठ पढ़ाता है।

परिवार के उपरांत अनुशासित जीवन की शिक्षा देने वाला दूसरा स्थान विद्यालय है। शुद्ध आचरण वाले सुयोग्य गुरुओं के शिष्य अनुशासित आचरण वाले होते हैं। ऐसे विद्यालय में बालक के शरीर, आत्मा और मस्तिष्क का संतुलित रूप से विकास होता है।

विद्यालय का जीवन व्यतीत करने के उपरांत जब छात्र सामाजिक जीवन में प्रवेश करता है तो उसे कदम-कदम पर अनुशासित व्यवहार की आवश्यकता होती है। अनुशासनहीन व्यक्ति केवल अपने लिए ही नहीं, समस्त देश व समाज के लिए घातक सिद्ध होता है।

अनुशासन का वास्तविक अर्थ अपनी दूषित और दूसरों को हानि पहुँचाने वाली प्रवृत्तियों पर नियंत्रण करना है। अनुशासन के लिए बाहरी नियंत्रण की अपेक्षा आत्मनियंत्रण करना अधिक आवश्यक है। वास्तविक अनुशासन वही है जो कि मानव की आत्मा से सम्बन्ध हो क्योंकि शुद्ध आत्मा कभी भी मानव को अनुचित कार्य करने को प्रोत्साहित नहीं करती।


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19 comments:

Anonymous,  January 19, 2014 at 6:15 PM  

very helpful post. thanks.

Anonymous,  February 26, 2014 at 8:30 PM  

thanks a bunch!!

Anonymous,  April 11, 2014 at 3:25 PM  

this is too awsome :) thanks a lot to the writer i got a award :)

Anonymous,  May 18, 2014 at 11:16 AM  

thankyou for such a nce essay

Anonymous,  June 16, 2014 at 10:33 PM  

very very thanks for this essay

Anonymous,  August 20, 2014 at 2:35 PM  

i get full marks in essay

Anonymous,  August 21, 2014 at 6:53 AM  

rooprekha is missing but gud essay

Anonymous,  August 21, 2014 at 6:54 AM  

rooprekha is missing but good essay

Anonymous,  October 6, 2014 at 7:01 PM  

realllllllly great yaar love it.......

Anonymous,  October 27, 2014 at 12:30 AM  

really helpfull tomrw i have to submit this essay nd its late night thats why helpfull

Anonymous,  November 4, 2014 at 7:23 PM  

got top marks becoz of myself...just kidding becoz of this essay

Anonymous,  November 16, 2014 at 8:36 PM  

This essay was very useful for me as i had to give a speech. So thanx a lot to the writer. And plz say me all the best so that i could have the speech compitition nicely....

nishi sweta August 25, 2017 at 10:35 AM  

Nice it is very helpful♡♡

Unknown October 22, 2017 at 10:35 AM  

सबसे अच्छा निबंध! यह लिखने के लिए धन्यवाद

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