Short Essay on 'Neelam Sanjiva Reddy' in Hindi | 'Neelam Sanjiva Reddy' par Nibandh (222 Words)

Monday, November 17, 2014

नीलम संजीव रेड्डी

'नीलम संजीव रेड्डी' का जन्म 19 मई, 1913 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में एक कृषक परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम नीलम चिनप्पा रेड्डी था। इनका परिवार एक संभ्रांत और भगवान में पूर्ण आस्था रखने वाला था।

नीलम संजीव रेड्डी की प्रारंभिक शिक्षा थियोसोफिकल हाई स्कूल अडयार, मद्रास में सम्पन्न हुई थी। आगे की पढ़ाई उन्होंने आर्ट्स कॉलेज अनंतपुर से प्राप्त की। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर पढ़ाई-लिखाई छोड़कर वे मात्र अठारह वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में कूद गए। स्वतंत्रता आंदोलनों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें कई बार जेल यात्रा भी करनी पड़ी।

नीलम संजीव रेड्डी की छवि कवि, अनुभवी राजनेता एवं कुशल प्रशासक के रूप में थी। इनका सार्वजनिक जीवन उत्कृष्ट था। इनको श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, त्रिमूर्ति द्वारा 1958 में सम्मानार्थ डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। वे भारत के छठे राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल 25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982 तक रहा। वे भारत के पहले गैर काँग्रेसी राष्ट्रपति थे।

नीलम संजीव रेड्डी का देहान्त 1 जून, 1996  को 83 वर्ष की आयु में हुआ। वे एक अनुभवी राजनेता ही नहीं बल्कि एक अच्छे कवि और कुशल प्रशासक भी थे। उन्होंने राजनीति में रहते हुए उसकी गरिमा का सदैव पालन किया। एक पक्के राष्ट्रवादी व्यक्ति के रूप में नीलम संजीव रेड्डी को सदैव याद किया जाएगा।  

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